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बरगी बांध क्रूज हादसे के पीड़ितों की आत्मा की शांति हेतु परमार्थ निकेतन में किया विशेष हवन✨दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि🌸पीड़ितों के लिए प्रार्थना🌺सुरक्षा मानकों को सख्त करने का आह्वान✨ऐसी त्रासदियों को रोकना हम सभी की जिम्मेदारी🙏🏻स्वामी चिदानन्द सरस्वती

बरगी बांध क्रूज हादसे के पीड़ितों की आत्मा की शांति हेतु परमार्थ निकेतन में किया विशेष हवन✨दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि🌸पीड़ितों के लिए प्रार्थना🌺सुरक्षा मानकों को सख्त करने का आह्वान✨ऐसी त्रासदियों को रोकना हम सभी की जिम्मेदारी🙏🏻स्वामी चिदानन्द सरस्वती


ऋषिकेश, 2 मई। जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज बोट हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस हृदयविदारक घटना में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में आज एक विशेष हवन एवं प्रार्थना का आयोजन किया गया। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों, श्रद्धालुओं और आश्रमवासियों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। मां गंगा पीड़ित परिवारों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
इस हादसे ने कई परिवारों की दुनिया एक पल में उजाड़ दी है। जिन घरों में हंसी-खुशी का माहौल था, वहां आज सन्नाटा और शोक का वातावरण व्याप्त है। किसी ने अपने बेटे को खोया, किसी ने जीवनसाथी को, तो किसी ने अपने माता-पिता को। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अनेक सपनों और रिश्तों का असमय अंत है, जिसकी पीड़ा शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये कहा कि आवश्यकता है कि हम ऐसे हादसों से सबक लें और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सभी नौकाओं और क्रूज बोट्स का नियमित निरीक्षण, उनकी क्षमता के अनुरूप ही यात्रियों को अनुमति, तथा अनिवार्य रूप से जीवन रक्षक जैकेट की उपलब्धता और उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, प्रशिक्षित चालक दल और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन, संचालकों और यात्रियों सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा। जो भी एडवेंचर गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं, चाहे वह राफ्टिंग हो, बंजी जंपिंग या पैराग्लाइडिंग, उनकी नियमित और सख्त जांच अनिवार्य की जानी चाहिए। प्रत्येक गतिविधि के लिए स्पष्ट और उच्चस्तरीय सुरक्षा मानक निर्धारित किए जाएं तथा उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो। उपकरणों की गुणवत्ता, प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाए। प्रशासन द्वारा लाइसेंस और संचालन की निगरानी को भी मजबूत बनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और ऐसे दुखद हादसों को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हम सभी इस दुःख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही, यह संकल्प भी लिया गया कि हम सभी मिलकर ऐसे प्रयास करेंगे, जिससे भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटनाएं न घटें और हर व्यक्ति सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन कर सके।

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