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कुंभ से पहले बदल रही हरिद्वार की तस्वीर, निर्माण कार्यों में तेजी के मेलाधिकारी ने दिए निर्देश

कुंभ से पहले बदल रही हरिद्वार की तस्वीर, निर्माण कार्यों में तेजी के मेलाधिकारी ने दिए निर्देश

मेलाधिकारी ने लिया निर्माण कार्यों का जायजा ; अतिक्रमण हटाने, पौधरोपण और चौराहों के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर

हरिद्वार, 17 अगस्त 2026

आगामी कुंभ मेला-2027 में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार के प्रमुख मार्गों, पुलों और संपर्क मार्गों को बेहतर स्वरूप देने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने सोमवार को मंडावर-छुटमलपुर से लेकर शिवालिक नगर और ज्वालापुर क्षेत्र तक विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति परखी और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े प्रत्येक कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ के दौरान हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में शहर और मेला क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मार्गों तथा पुलों की क्षमता बढ़ाना केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने की महत्वपूर्ण तैयारी है। उन्होंने कहा कि सभी कार्य इस दृष्टि से किए जाएं कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो और मेला क्षेत्र तक पहुंचने वाले मार्ग व्यवस्थित एवं सुरक्षित रहें।

मेलाधिकारी ने सबसे पहले उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित मंडावर में निर्माणाधीन स्वागत द्वार का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को तेजी से पूरा करने तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वागत द्वार से लगे क्षेत्र में भी आकर्षक सौंदर्यीकरण कार्य कराने को कहा। लगभग 204.19 लाख रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस स्वागत द्वार को कुंभ क्षेत्र में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक प्रवेश बिंदु के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इसके बाद मेलाधिकारी ने धनौरी-सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रोह नदी तथा पुरानी गंग नहर साइफन के डाउनस्ट्रीम में निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने की सख्त हिदायत देते हुए कहा कि यह निर्माण हर हाल में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। इसके लिए अधिकारी निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करें और मौके पर नियमित रूप से कार्य संचालित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मेलाधिकारी ने भाईचारा ढाबा से बीएचईएल बैरियर नंबर-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक और बीएचईएल मध्य मार्ग तक मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने ज्वालापुर से ईदगाह, सुभाषनगर-पीएसी होते हुए शिवालिक नगर तक मार्ग के बीसी द्वारा नवीनीकरण तथा आबादी वाले हिस्सों में शोल्डर पर इंटरलॉकिंग टाइल्स के निर्माण कार्य की प्रगति भी देखी।

इसी मार्ग के किलोमीटर-3 में पथरी रोह नदी पर 60 मीटर स्पान के प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी सेतु के निर्माण कार्य का भी उन्होंने स्थलीय निरीक्षण किया। मेलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

मेलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सड़कों और चौराहों को अतिक्रमणमुक्त रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सड़कों एवं पुलों के किनारों तथा डिवाइडरों के मध्य उपलब्ध स्थानों पर योजनाबद्ध ढंग से पौधरोपण कर हरित आवरण विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे शहर के सौंदर्य में वृद्धि होने के साथ ही कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

उन्होंने शिवालिक नगर चौक के सुधार एवं सौंदर्यीकरण पर भी विशेष जोर दिया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौक के यातायात प्रवाह, पैदल आवागमन और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र प्रस्तावित कर उन्हें धरातल पर उतारा जाए।

इसके बाद मेलाधिकारी ने भगत सिंह चौक क्षेत्र में सौंदर्यीकरण एवं फुटपाथ निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने चौराहों और मार्गों को सुव्यवस्थित करने के साथ ही पैदल यात्रियों के लिए बेहतर एवं सुरक्षित सुविधाएं विकसित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ की तैयारियों के तहत सड़क एवं पुल निर्माण के साथ-साथ पैदल यात्रियों की सुविधा और शहर के सौंदर्यीकरण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

श्रीमती सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला-2027 के लिए तैयार की जा रही आधारभूत सुविधाओं का लाभ केवल मेला अवधि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा। इसलिए प्रत्येक परियोजना को दूरगामी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जाना जरूरी है।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी स्तर पर तकनीकी, प्रशासनिक अथवा अन्य कारणों से उत्पन्न बाधा का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गति के साथ गुणवत्ता भी सर्वोच्च प्राथमिकता है और कुंभ से संबंधित किसी भी कार्य में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान पीआईयू के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल, एचआरडीए के उद्यान अधिकारी ए.आर. जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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