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अनंत अंबानी के जन्मदिवस पर परमार्थ गंगा तट पर सेवा, संस्कार और समर्पण का दिव्य संगम💫परमार्थ निकेतन द्वारा पूज्य संतों, अनेक गुरूकुलों के ऋषिकुमारों, विद्यार्थियों, आचार्यों, देश विदेश से आये योगियों, साधकों, पर्यटकों और निराश्रितों को कराया भोजन🌟प्रातःकालीन यज्ञ, गौपूजन एवं गंगा आरती में अनंत अंबानी जी की दीर्घायु और सेवा-पथ हेतु मंगलकामनाएँ✨प्रातःकाल परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने शिवाभिषेक कर अर्पित की मंगल कामनायें💫पूज्य स्वामी जी ने स्वयं परोसा भोजन✨परमार्थ गंगा तट से प्रवाहित हुई सेवा गंगा

अनंत अंबानी के जन्मदिवस पर परमार्थ गंगा तट पर सेवा, संस्कार और समर्पण का दिव्य संगम💫परमार्थ निकेतन द्वारा पूज्य संतों, अनेक गुरूकुलों के ऋषिकुमारों, विद्यार्थियों, आचार्यों, देश विदेश से आये योगियों, साधकों, पर्यटकों और निराश्रितों को कराया भोजन🌟प्रातःकालीन यज्ञ, गौपूजन एवं गंगा आरती में अनंत अंबानी जी की दीर्घायु और सेवा-पथ हेतु मंगलकामनाएँ✨प्रातःकाल परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने शिवाभिषेक कर अर्पित की मंगल कामनायें💫पूज्य स्वामी जी ने स्वयं परोसा भोजन✨परमार्थ गंगा तट से प्रवाहित हुई सेवा गंगा


ऋषिकेश, 9 अप्रैल। रिलायंस ग्रुप के प्रमुख भक्त हृदय श्री मुकेश अंबानी एवं श्रीमती नीता अंबानी के सुपुत्र, अनंत अंबानी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन में सेवा, करुणा और सनातन संस्कारों की एक अद्भुत धारा प्रवाहित हुई। यह अवसर परमार्थ निकेतन गंगा के पावन तट पर विशाल भंडारा का आयोजन किया गया जिसमें सैंकड़ों की संख्या में आये पूज्य संतों, अनेक गुरूकुलों के ऋषिकुमारों, विद्यार्थियों, आचार्यों, देश विदेश से आये योगियों, साधकों, पर्यटकों, निराश्रितों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और ऋषिकुमारों ने सभी को स्नेहपूर्वक भोजन परोसा । परमार्थ गंगा तट इस सेवा यज्ञ का शुभारम्भ मंत्रोंपचार, गीता पाठ और वेदमंत्रों के साथ हुआ। वेद मंत्रों की ध्वनि और गंगा की निर्मल लहरों के मध्य सभी ने भोजन ग्रहण किया।
इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि “हमारी सनातन संस्कृति में अन्नदान को सर्वोच्च दान माना गया है जो आत्मा को तृप्त करता है। सेवा का प्रत्येक कार्य हमें ईश्वर के और समीप ले जाता है और मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का बोध कराता है।”
आज के समय में जब उत्सवों का स्वरूप अक्सर व्यक्तिगत और भौतिक हो गया है, ऐसे में अनंत अंबानी के जन्मदिवस पर आयोजित यह सेवा कार्य एक गहन संदेश देता है कि सच्चा उत्सव वही है, जिसमें हम अपने सुख को समाज के साथ साझा करें और जरूरतमंदों के जीवन में आशा और प्रसन्नता का संचार करें।
पूज्य स्वामी जी ने अनंत अंबानी के जीवन को सेवा, संवेदना और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुये कहा कि “वनतारा” के माध्यम से उन्होंने जिस करुणा, निष्ठा और समर्पण भाव से प्रकृति, वन्यजीवों और हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर की सेवा का संकल्प लिया है, वह आज के युग में युवाओं के लिये एक अद्वितीय प्रेरणा है। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी और प्रकृति के मध्य संतुलन स्थापित करने का एक दिव्य प्रयास है।
परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित यह भंडारा “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को साकार करता है, जहाँ सभी को समान भाव से सम्मान और स्नेह प्रदान किया गया।
गंगा तट पर बहती इस सेवा की धारा यह स्मरण कराती है कि हमारी संस्कृति में सेवा, करुणा और परोपकार ही जीवन के सच्चे मूल्य हैं।
इस पावन अवसर पर परमार्थ गंगा तट से जो “सेवा गंगा” प्रवाहित हुई, वह केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, करुणा और मानवता की एक सतत प्रेरणा है।
इस अवसर पर उपस्थित पूज्य संतों ने अनंत अंबानी जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सेवा-पथ पर अग्रसर रहने की मंगलकामनाएँ दीं।

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